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सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पà¥à¤°à¥à¤· वह है जो सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• दशा में बिना किसी पà¥à¤°à¤•ार की कठिनाई के सांस ले सके ।
1- उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के चेहरे पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय मà¥à¤¸à¥à¤•ान बनी रहेगी वो चाहकर à¤à¥€ कि किसी को दà¥à¤–ी नहीं देख सकता। वो अपने आस-पास हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मदद के लिठतैयार रहते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खà¥à¤¶ देखना चाहता है।
2- उस कि शरीर की बनावट बिलà¥à¤•à¥à¤² सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होगी और देखने में न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मोटा और न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पतला होगा। शरीर पे वसà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ बिलà¥à¤•à¥à¤² साफ सà¥à¤¥à¤°à¥‡ होगें। और देखने का नजरिया और बात करने का तरीका बिलà¥à¤•à¥à¤² शांत रहेगा।
3- उसकी सà¥à¤¬à¤¹ से लेकर शाम तक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥€ तरह से निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ होगी कि उसे कितने बजे उठना है और कितने बजे सोना है और कब खाना है और कितना खाना है। कब वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करना है यह सब उसकी रोज की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ होगी
4- उसके जीने का तरीका बिलà¥à¤•à¥à¤² सब से हठके होगा। वो अपने दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किये जाने वाला काम को बिलà¥à¤•à¥à¤² सोच-समठके करेगा। वो बोलते समय अपने शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर ही बोलेगा। अपने आस-पास के वातावरण के देखकर कि आज वातावरण कैसा होगा तà¤à¥€ उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपने काम को पूरा करेगा।
5- सबसे बडी पहचान वो दयावान, शांतिपà¥à¤°à¤¿à¤¯, और निडर होगा वो हर मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ से लडऩे के लिठसदा ततà¥à¤ªà¤° होगा। वो अपने साथ-साथ दà¥à¤¸à¤°à¥‹ को à¤à¥€ सच के रासà¥à¤¤à¥‡ पे चलना और परमातà¥à¤®à¤¾ की और ले जायेगा जिससे सब का अचà¥à¤›à¤¾ हो सब खà¥à¤¶ हो और कोई à¤à¥€ à¤à¤• दूसरे से न लडे।
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